Essay On Vigyan Ki Den

विज्ञान का चमत्कार निबंध

विज्ञान की देन या विज्ञान वरदान है या विज्ञान का चमत्कार निबंध

आधुनिक युग विज्ञान का युग है. विज्ञान ने मनुष्य के जीवन में महान परिवर्तन ला दिया है. मनुष्य के जीवन को नए-नए वैज्ञानिक आविष्कारो से सुख-सुविधा प्राप्त हुई है. प्राय: असम्भव कही जाने वाली बाते भी सम्भव प्रतीत होने लगी है. मनुष्य विज्ञान के सहारे आज चन्द्रमा तक पहुँच सका है. सागर की गहराइयो में जाकर उसके रहस्य को भी खोज लाया है.




भीषण ज्वालामुखी के मुँह में प्रवेश कर सका है. पृथ्वी की परिक्रमा कर चूका है. बंजर भूमि को हरा भरा बनाकर भरपूर फसलें उगा सका है. विज्ञान की सहायता से मनुष्य का जीवन सुखमय हो गया है. आज घरों में विज्ञान की देन हीटर, पंखे, रेफ्रीजरेटर, टेलीविजन, गैस, स्टोव, रेडियो, टेपरिकॉर्डर, टेलीफोन स्कूटर आदि वस्तुए दिखाई देती है. गृहणियों के अनेक कार्य आज विज्ञान की सहायता से सरल बन गए है.

बिज्ञान की सहायता से आज समय और दूरी का महत्व घट गया है. आज हजारों मील की दूरी पर बैठा हुआ मनुष्य अपने मित्रों और सम्बंधियो से इस प्रकार बात कर सकता है जैसे की सामने बैठा हुआ हो. आज दिल्ली में चाय पीकर, भोजन बॉम्बे में और रात्री विश्राम लन्दन में कर सकना सम्भव है. ध्वनि की गति से तेज चलने वाले ऐसे विमान और एयर बस है. रेल, मोटर, ट्राम, जहाज, स्कूटर आदि आने जाने में सुविधा प्रदान करते है. टेलीप्रिंटर, टेलीफोन, टेलीविजन मनुष्य के लिए बड़े उपयोगी साधन सिद्ध हुए है. विज्ञान की सहायता से समाचार एक स्थान से दुसरे स्थान पर शीघ्र स्थान पर शीघ्र से शीघ्र पहुँचाये जा सकते है. रेडियो फोटो की सहायता से चित्र भेजे जा सकते है. लाहौर में खेला जाने वाल क्रिकेट मैच दिल्ली में देखा जा सकता है. एक घंटे में एक पुस्तक की हजारो प्रतियाँ छापी जा सकती है. आवाज को टैपरिकॉर्डर और ग्रामोफ़ोन रिकॉर्ड पर कैद किया जा सकता है.

चिकित्सा के क्षेत्र में विज्ञान की देन भुलाई नही जा सकती. एक्स रे मशीन की सहायता से शरीर के अन्दर के भागों का रहस्य जाना जा सकता है. शरीर के किसी भी भाग का ऑपरेशन किया जा सकना सम्भव है. शरीर के अंग बदले जा सकते है. खून परिवर्तन किया जा सकता है. प्लास्टिक सर्जरी से चेहरे को ठीक किया जा सकता है. भयानक बीमारियों के लिए दवाये और इंजेक्शन खोजे जा चुके है. कृषि के शेत्र में नवीन वैज्ञानिक अविष्कारों ने कृषि उत्पादन में तो वृद्धि की ही है, साथ ही भारी-भारी कार्यो को सरल भी बना दिया है. कृषि, यातायात संदेश वाहन, संचार मनोरंजन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विज्ञान की देन अमूल्य है.

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विज्ञान के चमत्कार

आज के युग में विज्ञान उन्नति कर ली है की उसने अन्वेषणों तथा आविष्कारों को देखकर मानव चमत्कार हुए बिना नही रह पाता | उन अनेक प्रकार के चमत्कारों तथा अन्य चमत्कारों के बढ़ते हुए नित्य कदमो के कारण ही इस युग को विज्ञान के चमत्कारों का युग कहा जाने लगा है | वस्तुत : मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में विज्ञान ने अपना आसन जमा लिया है | चिकित्सा, यातायात, व्यापार , मनोरंजन , शिक्षा आदि से लेकर नक्षत्र एव गृह विज्ञान तक इसका क्षेत्र फैल चुका है |

प्रात : उठने से लेकर रात को सोने तक आज का मनुष्य जिस तरह के भी उपकरणों व् साधनों का उपयोग करता है वे सभी आधुनिक विज्ञान एव तकनीक की ही देन है | आज बिजली, रेडियो, सिनेमा , टेलीविजन, टेलीफोन , जलयान, वायुयान , पंखे , बल्ब , रसोई तथा बैठक आदि के उपकरण , सभी कुछ आधुनिक विज्ञान की देन है | कल तक जिन रोगों के इलाज की हम कल्पना तक नही कर पाते थे , आज के विज्ञान ने उनका नाम तक मिटा दिया है | वैज्ञानिक उपकरणों है और चन्द्रलोक तक की ऊबड़-खाबड़ भूमि पर अपने चरण – चिन्ह अंकित कर आया है | विज्ञान की सहायता से आज का मानव सागर का अन्तराल  चीर कर उसके अन्तरतल की खोज करने लगा है |

आधुनिक विज्ञान ने सोचने – विचारने , आंकड़े इकट्ठे करने , बड़े – से – बड़ा हिसाब – किताब रखने जैसे काम भी कम्यूटर की सहायता से सम्भाल रखे है | इनके अलावा इनसे इजीनियरिग और परिवार नियोजन आदि के क्षेत्रो में भी चमत्कारिक प्रगति कर ली है | आज का वैज्ञानिक पुरुष को स्त्री और स्त्री को पुरुष तक बनाने में सक्षम है | इस प्रकार विज्ञान के बढ़ते हुए कदमो और चमत्कारों के कारण आज निकट – दूर कुछ भी नही रह गया है |

आधुनिक विज्ञान ने युद्ध की तकनीक में विशेष चमत्कार कर दिखाया है | हाईड्रोजन बम , कोबाल्ट बम, जैविक या रासायनिक बमो एव शस्त्रास्त्रो के निर्माण की लोमहर्षक चर्चा सुनने के बाद परमाणु बम की कहानी तो पुरानी – सी लगने लगती है | यदि भविष्य में युद्ध होगे तो उनका संचालन कोई भूमिगत और चमत्कृत कर देने वाला वैज्ञानिक यंत्र ही कर रहा होगा | इस प्रकार विज्ञान ने युद्ध – कला को विनाश और सर्वनाश की कला बना दिया है |

वास्तव में विज्ञान एक शक्ति है जिसका प्रयोग हम अच्छे या बुरे रूप में कर सकते है | इसे जनहित में लगाकर विश्व को नन्दन वन बना सकते है अन्यथा थोड़ी सी विवेकहीनता ही विश्व को मरुस्थल में बदल सकती है इसका दायित्व हमारे राजनितिज्ञो पर निर्भर करता है |

February 2, 2017evirtualguru_ajaygourHindi (Sr. Secondary), LanguagesNo CommentHindi Essay, Hindi essays

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